प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी गौरेला संजीव शुक्ला (व्याख्याता एलबी) को नियम विरुद्ध दिया गया पेंड्रा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार

प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी गौरेला संजीव शुक्ला (व्याख्याता एलबी) को नियम विरुद्ध दिया गया पेंड्रा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार
रायपुर:- छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश क्रमांक 31/12/2024 के द्वारा रविंद्र नाथ चंद्रा मूल पद व्याख्याता को प्रभारी विकास खंड शिक्षा अधिकारी पेंड्रा से गुरुकुल पेंड्रारोड एवं प्रभारी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के रूप में विजय कुमार वर्मा प्राचार्य सेजेस पेंड्रा को प्रभारी BEO पेंड्रा हेतु आदेशित किया गया है जिसके तहत आदेश के तेरह दिन बीत जाने के बाद दिनांक 14/01/2025 को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा एक आदेश जारी करते हुए आनन-फानन में रविंद्र नाथ चंद्रा को गुरुकुल विद्यालय पेंड्रारोड हेतु कार्यमुक्त कर दिया गया एवं वी.के.वर्मा को भी सेजेस पेंड्रा से कार्यमुक्त कर दिया गया।अब इसमें गौर करने वाली बात यह है कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा राज्य शासन के आदेश को धता बताते हुए 15/01/2025 को प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी गौरेला संजीव शुक्ला को पेंड्रा बीईओ का चार्ज दे दिया गया।अब यहां बताना लाजमी है कि जब वीके वर्मा को सेजेस से यदि कार्यमुक्त किया गया है तो क्या उनको अपना पदभार ग्रहण करने के लिए दो-तीन दिन का समय नहीं दिया जाना था और जब शासन से उन्हें बीईओ पेंड्रा का आदेश हुआ है तो उन्हें फिर किस जगह के लिए कार्यमुक्त किया गया है।यह भी सोचने वाली बात है।और अगर वीके वर्मा द्वारा राज्य शासन के द्वारा जारी आदेश की अवहेलना की जा रही है तो फिर जिला प्रशासन एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश जारी होने के पंद्रह दिन बाद भी कोई कार्यवाही संबंधितों के खिलाफ क्यों नहीं की जा रही है।
इस मामले में आगे बताते चले कि पूर्व से ही गिरीश लहरे व्याख्याता एवं संजीव शुक्ला व्याख्याता एल.बी.का विकासखंड शिक्षा अधिकारी गौरेला के पद का प्रभार लेने संबंधी प्रकरण उच्च न्यायालय में पूर्व से ही लंबित है साथ ही संजीव शुक्ला के विरुद्ध पूर्व के ही कई शिकायतें भी हैं जिसके लिए जिला प्रशासन एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा नोटिस भी जारी की गई थी, बता दें कि माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा व्याख्याता एल.बी.को विकासखंड शिक्षा अधिकारी नहीं बनाए जाने संबंधी फैसले/निर्देश हुए हैं इसके बावजूद भी जिला प्रशासन द्वारा संजीव शुक्ला व्याख्याता एल.बी.को नियम विरूद्ध प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी गौरेला रहते हुए, विकासखंड शिक्षा अधिकारी पेंड्रा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।जिसके कारण जिला प्रशासन एवं जिला शिक्षा अधिकारी की मंशा पर प्रश्न चिन्ह लगना लाजमी है।
संजीव शुक्ला का इस तरह से बीईओ पेंड्रा का नियम विरूद्ध अतिरिक्त चार्ज मिलने से चर्चा विषय बना हुआ है। न्यायालय में गिरीश लहरे ने संजीव शुक्ला के खिलाफ हटाने का अवमानना लगा हुआ, जिसके बाद भी शासन के आदेश को दरकिनार करते हुए जिला प्रशासन द्वारा संजीव शुक्ला को हटाने के बाजय उपकृत किया गया है।
इस तरह से आदेश जारी करने के कारण कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी गौरेला पेंड्रा मरवाही द्वारा पक्षपात पूर्ण दोहरी-नीति अपनाकर सवालों के घेरे में है….?
जिला प्रशासन पर उठा सवाल..?
आखिर यह कैसी स्थिति आन पड़ी की जिला प्रशासन को इतनी क्या जल्दी थी विकासखंड शिक्षा अधिकारी पेंड्रा हेतु तत्परता दिखाते हुए तुरंत, अयोग्य संजीव शुक्ला को BEO पेंड्रा बनाया गया,क्या इस जिले में BEO बनने योग्य प्राचार्य, नहीं हैं? इससे यह प्रतीत होता है कि सब कुछ पहले से तय था?

सभी नियमों को दरकिनार करते हुए किसी एक व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए नियम विरुद्ध एवं दोहरी नीति अपना कर लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है..?
बताते चलें की विकासखंड में इतने बड़े क्षेत्र एवं शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य एक बीईओ को करने में एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में दिक्कत होती है वहीं पर अब एक विकासखंड शिक्षा अधिकारी को दो जगह(गौरेला, पेंड्रा)का विकासखंड का कार्य सौंप दिये हैं।

शिक्षा विभाग बना चर्चा का विषय….?
बताते चलें कि आखिर BEO पेंड्रा का प्रभार संजीव शुक्ला व्याख्याता एल.बी.को देना किसी राजनीतिक दबाव के कारण जिला प्रशासन द्वारा नियम विरूद्ध आदेश जारी किया गया है….?
यह न्यायालयीन प्रकरण हो सकता है अब देखने वाली बात यह होगी कि एक अयोग्य व्यक्ति को दो विकासखंड का शिक्षा अधिकारी का कार्य कैसे कर सकते हैं….?





